कोटा विधानसभा की 3 नगर पालिका एवं 1 नगर पंचायत में कांग्रेस की हुई बुरी हार का दोषी किसे मानेंगे विधायक अटल श्रीवास्तवत जी :- विजय केशरवानी

बिलासपुर:- छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने नगर निगम में टिकट वितरण ,बागियों के ऊपर निष्कासन की कार्यवाही एवम जिला अध्यक्षो को बेलगाम होने का बयान जारी किया था।

उस बयान का पलटवार करते हुए विजय केसरवानी ने कहा कि उन्हें इस बात का एहसास होना चाहिए कि वे कोटा विधान सभा के विधायक है। इनके कोटा विधायक बनते ही कोटा विधानसभा के रहने वाले कांग्रेस पार्टी से निर्वाचित ज़िला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी और बीजेपी में शामिल हो गये। विधायक जी को पहले अपने निर्वाचन क्षेत्र कोटा में कांग्रेस की स्थिति को संज्ञान में लेना चाहिए।

3 नगर पालिका एवं 1 नगर पंचायत में कांग्रेस की हुई बुरी हार..

कांग्रेस पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों ने तो अपनी तरफ़ से पार्टी को जिताने बहुत मेहनत की परन्तु उनके वर्तमान में विधायक रहते क्या यही योगदान रहा कि कोटा विधानसभा के अन्तर्गत आने वाले 3 नगर पालिका एवं 1 नगर पंचायत में कांग्रेस की बुरी हार हुई है। जिसमे रतनपुर नगर पालिका अध्यक्ष में कांग्रेस बीजेपी से लगभग 2000 वोटो से पीछे रहते हुए 4 चौथे स्थान पर रही है। गौरेला नगर पालिका में भी कांग्रेस अध्यक्ष बीजेपी से लगभग 5600 वोट से पीछे रहते हुए तीसरे स्थान पर थे। वही कोटा नगर पंचायत में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष प्रत्याशी लगभग 3300 वोट से बीजेपी प्रत्याशी से पीते रहकर परास्त हुए। साथ ही पेंड्रा नगर पालिका में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी को निर्दलीय प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा।

माननीय विधायक श्री अटल श्रीवास्तव जी के रहते उनके निर्वचन क्षेत्र में 60 वार्डो में मात्र 18 वार्ड में कांग्रेस के पार्षद जीतकर आये है। इस परिणाम का दोषी विधायक जी किसको मानेंगे ?